Blog Manager

Universal Article/Blog/News module

Current Affairs 4.12.2018

In: India
Like Up: (0)
Like Down: (0)
Created: 04 Dec 2018

4 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1796 - बाजीराव द्वितीय पेशवा नियुक्त।

1829 - वायसराय लार्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा समाप्त की।

1860 - गोवा के मारगाव के अगस्टिनो लॉरेंसो ने पेरिस विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि ली। वह विदेशी विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि लेने वाले पहले भारतीय बने।

1952 - इंग्लैंड में स्मॉग की घनी परत के छा जाने के कारण हजारों लोगों की जान चली गई थी।

1959 - भारत और नेपाल के बीच गंडक सिंचाई एवं विद्युत परियोजना पर हस्ताक्षर।

1967 - देश के पहले रॉकेट ‘रोहिणी आरएच 75’ का थुम्बा से प्रक्षेपण हुआ।

1971 - संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भारत और पाकिस्तान के बीच खराब होते हालात के मद्देनजर आपात सत्र बुलाया। भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान नौसेना और कराची पर हमला किया।

1977 - मिस्र के विरुद्ध अरब मोर्चा गठित।

1984 - हिजबुल्ला आतंकवादियों ने कुवैत एयरलाइन के विमान का अपहरण कर चार यात्रियों की हत्या की। 1995 - सं.रा. अमेरिका डेविस कप चैंपियन बना।

1996 - अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगल ग्रह के लिए एक और अंतरिक्ष यान 'मार्स पाथफ़ाउंडर' प्रक्षेपित किया।

1999 - सं.रा. अमेरिका के अड़ियल रुख़ के कारण सिएटल वार्ता विफल, अगला दौर जिनेवा में कराने की घोषणा, रूसी सेनाओं ने ग्रोज्री के अनगुन शहर पर कब्ज़ा किया।

2003 - अशोक गहलोत विधानसभा क्षेत्र से 12वीं राजस्थान विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए 2004 - पेरू की मारिया जूलिया मांतिला गार्शिया को मिस वर्ल्ड 2004 चुना गया।

2006 - फिलीपींस के एक गाँव में तूफ़ान के बाद ज़मीन धंसने से लगभग एक हज़ार लोगों की मौत।

2008 - प्रसिद्ध इतिहासकार रोमिला थापर को क्लूज सम्मान के लिये चुना गया।

2012 - सीरिया में मोर्टार हमले में 29 लोगों की मौत।

 

4 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति

1923 - श्रीपति मिश्रा - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में से एक थे।

1910 - रामस्वामी वेंकटरमण, भारत के आठवें राष्ट्रपति

1919 - इन्द्र कुमार गुजराल - भारत के बारहवें प्रधानमंत्री

1910 - मोतीलाल - हिंदी सिनेमा के अभिनेता

1888 - रमेश चंद्र मजूमदार - इतिहासकार।

1898 - कार्यमाणिवकम श्रीनिवास कृष्णन - प्रसिद्ध भारतीय भौतिक वैज्ञानिक।

1979 - सुनीता रानी- प्रसिद्ध भारतीय महिला खिलाड़ी।

1892 - विद्याभूषण विभु - प्रसिद्ध साहित्यकारों में से एक थे।

 

4 दिसंबर को हुए निधन

2017 - शशि कपूर - हिन्दी सिनेमा जगत के प्रसिद्ध अभिनेताओं में से एक थे।

1962 - अन्नपूर्णानन्द - हिन्दी में शिष्ट हास्य लिखने वाले कलाकारों में अग्रणी लेखक।

 

4 दिसंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

भारतीय नौसेना दिवस

 

रक्षा मंत्रालय ने 3,000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी प्रदान की

 

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की 01 दिसंबर 2018 को बैठक हुई और इसमें 3,000 करोड़ रुपये के बराबर की रक्षा खरीद सेवाओं को मंजूरी दी गई.

रक्षा अधिग्रहण परिषद ने रूस में प्राथमिक हथियार के रूप में रूस में दो भारतीय जहाजों के निर्माण के साथ ब्रह्मोस मिसाइलों सहित 3000 करोड़ रुपये की रक्षा खरीद को मंजूरी दे दी है.

 

बैठक के प्रमुख बिंदु:

  • रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के दो स्टेल्थ फ्रिगेट (रडार की नजर में पकड़ नहीं आने वाले युद्धपोतों) के लिये ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुनके लिये बख्तरबंद रिकवरी वाहन सहित 3,000 करोड़ रुपये मूल्य की सैन्य खरीद को मंजूरी दी हैं.
  • डीएसी ने भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुनके लिये बख्तरबंद रिकवरी वाहन (एआरवी) की खरीद की भी स्वीकृति दी. एआरवी का डिजाइन और विकास डीआरडीओ ने किया है और इसका निर्माण रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी बीईएमएल करेगी.
  • भारत और रूस की ओर से मिलकर विकसित हो रहे ब्रह्मोस रॉकेट सिस्‍टम को दुनिया का सर्वश्रेष्‍ठ मिसाइल सिस्‍टम माना जाता है.

 

रूस पर लगे हैं प्रतिबंध:

रूस के साथ मिसाइलों की डील को ऐसे समय पर अंजाम दिया गया है जब अमेरिका ने इस देश से होने वाली हथियारों की डील पर बैन लगा दिया है. अमेरिका ने कैटसा कानून के तहत उन सभी देशों और उनके संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है जो रूस से सैन्य सामान खरीदेंगे.

 

रक्षा अधिग्रहण परिषद:

भारत में 11 अक्टूबर 2001 को देश की रक्षा एवं सुरक्षा में सुधार हेतु की जाने वाली खरीद और अधिग्रहण के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद की स्थापना की गई. रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) रक्षा मंत्रालय के तहत एक व्यापक संरचना, रक्षा खरीद योजना प्रक्रिया के समग्र मार्गदर्शन के लिए गठित की गई थी. डीएसी रक्षा खरीद को लेकर निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था है.

इसका उद्देश्य देश की रक्षा के लिए ख़रीदे जाने वाले हथियारों और उपकरणों की खरीद के लिए मंजूरी प्रदान करना तथा मंत्रालय के समक्ष इस संबंध में अपने विचार एवं रिपोर्ट रखना है. डीएसी का उद्देश्य मांग की गई क्षमताओं के संदर्भ में सशस्त्र बलों के अनुमोदित आवश्यकताओं की शीघ्र खरीद, और आवंटित बजटीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करके, निर्धारित समय सीमा को सुनिश्चित करना है. डीएसी सैन्य सामान के अधिग्रहण के लिए दिशानिर्देश  भी जारी करता है.