Blog Manager

Universal Article/Blog/News module

Current Affairs 29.11.2018

In: India
Like Up: (0)
Like Down: (0)
Created: 29 Nov 2018

29 नवंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1516 - फ्रांस और स्विट्जरलैंड ने फ्रेईबर्ग के शांति समझौते पर हस्ताक्षर किया।

1759 - दिल्ली के बादशाह आलमगीर द्वितीय की हत्या।

1775 - सर जेम्स जे ने अदृश्य स्याही का अविष्कार किया।

1830 - पोलैंड में रूस के शासन के खिलाफ नवंबर विद्रोह शुरु हुआ।

1870 - ब्रिटेन में आवश्यक शिक्षा कानून लागू हुआ।

1889 - बेंगळूरू के लालबाग़ गार्डन में 'ग्लास हाउस' की आधारशिला रखी गई।

1916 - अमेरिका ने डोमिनिकन रिपब्लिक में मार्शल लॉ लगाने की घोषणा की।

1944 - अलबानिया को नाजी कब्जे से छुड़ाया गया।

1947 - भारतीय उपमहाद्वीप का विभाजन होने पर निज़ाम ने भारत में शामिल होने की अपेक्षा स्वतंत्र रहना चाहा।

1949 - पूर्वी जर्मनी में यूरेनियम खदान में विस्फोट से 3700 लोग मरे। 1961 - दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन भारत आये।

1970 - हरियाणा सौ फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य पाने वाला पहला भारतीय राज्य बना।

1987 - कोरियाई विमान फ्लाइट 858 में थाईलैंड-म्यांमार की सीमा के पास विस्फोट में 115 लोगों की मौत। 1989 - तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने इस्तीफा दिया।

1998 - कर्नल कुरु बातासयाल के नेतृत्व में भारतीय सैन्य दस्ते ने लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम सेना यूनीफ़िष में नार्वे के दस्ते का स्थान ग्रहण किया।

1999 - महाराष्ट्र के नारायण गाँव में विश्व का सबसे बड़ा मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप खुला।

2001 - अफ़ग़ान गुट अंतरिम परिषद पर राजी हुए।

2004 - आसियान देशों ने चीन के साथ व्यापार के समझौते को अंतिम रूप प्रदान किया।

2005 - तक बाबूलाल गौर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। शिवराज सिंह चौहान - मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर आसीन।

2006 - पाकिस्तान ने मध्यम दूरी वाले मिसाइल 'हत्फ़-4', जिसे शाहीन-I भी कहा जाता है, का सफल परीक्षण किया।

2007 - जनरल अशरफ़ परवेज कियानी ने पाकिस्तानी सेना के प्रमुख की कमान सम्भाली। परवेज मुशर्रफ़ ने असैनिक राष्ट्रपति के रूप में अगले पाँच वर्ष के लिए शपथ ग्रहण की।

2008 - 60 घंटे आपरेशन के बाद कमांडो ने मुम्बई को आतंकियों से मुक्त कराया। भारतीय मुक्केबाज़ मैरीकॉम ने पाँचवी महिला एआईबीए वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप जीती।

2012 - संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फिलीस्तीन को गैर-सदस्य पर्यवेक्षक राज्य का दर्जा दिया। 29 नवंबर को जन्मे व्यक्ति 1935 - गुरबचन सिंह सालारिया, परमवीर चक्र से सम्मानित।

1913 - अली सरदार जाफ़री, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रसिद्ध शायर।

1869 - ठक्कर बाप्पा - अपने सेवा‌ कार्यों के लिये प्रसिद्ध भारतीय थे।

 

29 नवंबर को हुए निधन

1909 - प्रसिद्ध बंगला इतिहासकार रोमेश चन्द्र दत्त।

1993 - जे. आर. डी. टाटा - आधुनिक भारत की बुनियाद रखने वाली औद्योगिक हस्तियों में जे. आर. डी. टाटा का नाम सर्वोपरि है।

2015 - ओटो न्यूमैन - अमेरिकी समाजशास्त्री और शिक्षाविद।

2002 - ओंकारनाथ श्रीवास्तव - कवि एवं समाचार प्रसारक

1759 - आलमगीर द्वितीय - 16वाँ मुग़ल बादशाह था, जिसने 1754 से 1759 ई. तक राज्य किया।

 

 

भारतीय अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव-2018 का समापन, डोनबास ने स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता

 

भारतीय अंतराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव-2018 का 28 नवंबर 2018 को गोवा में समापन हो गया. इस कार्यक्रम में सर्गेई लोज़नित्सा द्वारा निर्देशित फिल्म डोनबास ने प्रतिष्ठित स्वर्ण मयूर पुरस्कार जीता है। यह महोत्सव  28 नवंबर, 2018 को गोवा में संपन्न हुआ है. भारतीय वरिष्ठ अभिनेता सलीम खान को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया.

स्वर्ण मयूर पुरस्कार में 4 मिलियन रुपये (40 लाख रुपये) का नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है. पुरस्कार राशि निर्माता और निदेशक में बराबर-बराबर बांटी जाती है.

 

 डोनबास फिल्म

डोनबास फिल्म पूर्वी यूक्रेन के एक क्षेत्र में हुए युद्ध की कहानी है जिसमें अलगाववादी गिरोहों द्वारा बड़े पैमाने पर हत्याओं और लूटपाट के साथ-साथ सशस्त्र संघर्ष को दर्शाया गया है. डोनबास के माध्यम से उत्सुक रोमांचों की श्रृंखला को दर्शाया गया है. यह फिल्म एक क्षेत्र या राजनीतिक व्यवस्था की कहानी नहीं है बल्कि ऐसे विश्व की कहानी है जो सच्चाई के बाद नकली पहचान की दुनिया में खो गयी है.

डोनबास सर्वेश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए यूक्रेन द्वारा आधिकारिक रूप से भेजी गयी फिल्म है. केन्स फिल्म महोत्सव 2018 में इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ निदेशक के लिए ‘यूएन सर्टेन रिगार्डजीता है.

 

 लिजो जोस पेलिसरी को ई.मा.यू. के लिए सर्वश्रेष्ठ निदेशक पुरस्कार

लिजो जोस पेलिसरी ने अपनी 2018 की फिल्म 'ई.मा.यू' के लिए सर्वश्रेष्ठ निदेशक का पुरस्कार जीता है. यह फिल्म मृत्यु पर एक आश्चर्यजनक व्यंग्य है और यह मानव जीवन को किस तरह प्रभावित करती है इस फिल्म में दर्शाया गया है. केरल के एक तटीय चेलानम गांव की कहानी पर आधारित ये फिल्म एक ऐसे बेटे की दुर्दशा को दर्शाती है जो अपने पिता के लिए एक अच्छे अंतिम संस्कार को करने की कोशिश करता है. इस फिल्म को सर्वश्रेष्ठ निदेशक के लिए रजत मयूर और 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है.

 

चेम्बैन विनोद को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार

सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष) का पुरस्कार चेम्बन विनोद को 'ईशी' की ई.मा.यू. में की गयी भूमिका के लिए दिया गया है. वे ऐसे पुत्र बने हैं जो अपने पिता का एक अच्छा अंतिम संस्कार करना चाहता है लेकिन उसके रास्ते में अप्रत्याशित रूप से अनेक बाधाएं और प्रतिक्रियाएं आती हैं.

 

अनास्ताशिया पस्तोविट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार

सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार लारियासा फिल्म में की गयी भूमिका के लिए अनास्ताशिया पस्तोविट को प्रदान किया. उन्होंने युक्रेनियन फिल्म 'वैन दा ट्री फॉल' में एक किशोर लड़की की भूमिका के लिए प्रदान किया गया है. सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री को रजत मयूर ट्रॉफी 10-10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है.

 

मिल्को लाज़रोव की फिल्म ‘आगा’ को विशेष जूरी पुरस्कार

मिल्को लाज़रोव की फिल्म 'आगा' को विशेष जूरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. यह फिल्म यकुटिया के एक बुजुर्ग दंपत्ति सेडना और नानूक की कहानी पर केंद्रित है जिन्हें अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. विशेष जूरी पुरस्कार में 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार, रजत मयूर और प्रशस्तिपत्र प्रदान किया जाता है.

 

अल्बर्तो मॉन्तेरास-II को उनकी पहली फिल्म ‘रेस्पेतो’ के लिए बेहतरीन फीचर फिल्म निर्देशक का पुरस्कार

फिलीपीन्स के अल्बर्तो मॉन्तेरास-II को उनकी पहली फिल्म ‘रेस्पेतोके लिए बेहतरीन फीचर फिल्म निर्देशक का पुरस्कार प्रदान किया गया. प्रवीण मोरछाले द्वारा निर्देशित ‘वॉकिंग विद दी विंडने आईसीएफटी –यूनेस्को गांधी पदक जीता, जिसे इंटरनेशनल काउंसिल फॉर फिल्म, टेलीविजन एंड ऑडियो-विजुअल कम्यूनिकेशन, पेरिस और यूनेस्को ने शुरू किया है. गांधी पदक के मानकों के जरिये पुरुषों और महिलाओं में शांति स्थापना के लिए यूनेस्को का बुनियादी अधिकार प्रदर्शित होता है.

 

‘वॉकिंग विद दी विंड’

 ‘वॉकिंग विद दी विंडमें हिमालय के इलाके के एक 10 वर्षीय बालक की कहानी है, जो गलती से अपने दोस्त के स्कूल की कुर्सी तोड़ देता है. पहाड़ी इलाके में स्कूल जाने के लिए वह रोज सात  किलोमीटर का सफर तय करता है. जब वह अपने गांव में कुर्सी लाने का फैसला करता है, तो यह सफर उसके लिए भारी मुसीबत और चुनौती बन जाता है.