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Current Affairs 27.12.2018

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Created: 27 Dec 2018

27 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1861 - कलकत्ता (अब कोलकाता) में पहली बार चाय की सार्वजनिक बोली संपन्न।

1911 - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता (अब कोलकाता) अधिवेशन के दौरान पहली बार ‘जन गण मनगाया गया।

1934 - पर्सिया के शाह ने पर्सिया का नाम बदलकर ईरान करने की घोषणा की।

1939 - तुर्की में भूकंप से लगभग चालीस हजार लोगों की मौत।

1945 - वैश्विक अर्थव्यवस्था को मज़बूती प्रदान करने के लिए विश्व बैंक की स्थापना की गई।

29 सदस्य देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की स्थापना।

1960 - फ्रांस ने परमाणु परीक्षण किया।

1961 - बेल्जियम और कांगो के बीच राजनयिक संबंध बहाल हुए।

1972 - उत्तरी कोरिया में नया संविधान प्रभाव में आया।

1975 - झारखंड के धनबाद जिले स्थित चासनाला कोयला खदान दुर्घटना में 372 लोगों की मौत।

1979 - अफ़ग़ानिस्तान ने राजनीतिक परिवर्तन एवं हफीजुल्लाह अमीन की सैनिक क्रान्ति में हत्या। सोवियत सेना ने अफ़ग़ानिस्तान पर हमला किया।

1985 - यूरोप के विएना और रोम हवाई अड्डों पर चरमपंथियों के हमले में 16 लोग मारे गए और सौ से ज्यादा घायल हुए।

1998 - चीन के परमाणु कार्यक्रम के जनक वांगकान धांग का निधन।

2000 - आस्ट्रेलिया में विवाह पूर्व संबंधों को क़ानूनी मान्यता।

2001 - भारत-पाक युद्ध रोकने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका व रूस सक्रिय; लश्कर-ए-तोइबा ने अब्दुल वाहिद कश्मीरी को अपना नया प्रमुख नियुक्त किया; संयुक्त राष्ट्र ने पाक आतंकवादी संगठन 'उम्मा-ए-तामीर ए बो' के खाते सील करने के आदेश दिये।

2002 - 'ईव' नामक पहले मानव क्लोन ने संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्म लिया।

2004 - भारत ने तीसरे और अन्तिम वनडे में बांग्लादेश को हराकर शृंखला 2-1 से जीती।

2007 - रावलपिंडी के पास पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की गोली मारकर हत्या।

2008 - वी. शान्ताराम पुरस्कार समारोह में तारे ज़मीं पर को सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का पुरस्कार मिला। आशा एण्ड कम्पनी का नाम लिम्का बुक आफ रिकार्ड में दर्ज किया गया।

27 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति

1797 - ग़ालिब - उर्दू-फ़ारसी के प्रख्यात कवि

1965 - सलमान ख़ान, बॉलीवुड अभिनेता

1927- नित्यानंद स्वामी, उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री

1942- लांस नायक अल्बर्ट एक्का, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक

1895 - उज्जवल सिंह - पंजाब के प्रमुख सिक्ख कार्यकर्ता थे।

 

27 दिसंबर को हुए निधन

2013- फ़ारुख़ शेख़- बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता

 

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के 94वें जन्मदिन को सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया

 

सुशासन दिवस 25 दिसंबर 2018 को संपूर्ण भारत में मनाया गया. यह दिवस भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है.

इस दिवस को पहली बार वर्ष 2014 में मनाया गया था. उन्हें भारतीय राजनीती के सर्वाधिक प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है.

 

अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में:

अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था. उन्होंने ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मी बाई कॉलेज) से स्नातक की पढाई की. अटल बिहारी वाजपेयी ने युवावस्था में ही स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लेने शुरू किया था. उन्होंने विदेश मंत्री के रूप में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण दिया था, वे संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण देने वाले पहले व्यक्ति थे.

 

अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री बने. वे पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने, हालांकि उनका कार्यकाल केवल 13 दिन का था. दूसरी बार वे 1998 से 1999 के बीच 11 महीने के लिए प्रधानमंत्री बने. 1999 से 2004 के बीच वे तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया.

अटल बिहारी वाजपेयी लगभग 4 दशक तक भारतीय संसद के सदस्य थे, वे 10 बार लोकसभा के सदस्य तथा 2 बार राज्यसभा के सदस्य चुने गये. उन्होंने  वर्ष 2009 में स्वास्थ्य कारणों से सक्रीय राजनीती से सन्यास लिया. सर्वतोमुखी विकास के लिये किये गये योगदान तथा असाधारण कार्यों के लिये वर्ष 2015 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

 

सुशासन दिवस के बारे में:

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मदिन 25 दिसंबर को होता है और इस दिन को राष्ट्रीय सुशासन दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की गई है. इसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की संसदीय बोर्ड की 02 दिसंबर 2014 को नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान की थी.

सुशासन दिवस की घोषणा "ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासनके आधार पर की गयी है. ये एक कार्यक्रम है जो सभी सरकारी अधिकारियों को बैठक और संचार के लिये आमंत्रित करके बाद में मुख्य समारोह में शामिल होकर मनाया जाता है. यहाँ एक दिन की लंबी प्रदर्शनी का आयोजन करके और सरकारी अधिकारियों को भाग लेने के साथ ही ई-गवर्नेंस और प्रदर्शनी के बारे में कुछ सुझाव देने के लिये आमंत्रित करके मनाया जाता है.

संयोग से भारत में सुशासन दिवस की घोषणा 25 दिसम्बर क्रिसमस उत्सव (एक राजपत्रित अवकाश) से मेल खाती है, हालांकि सुशासन दिवस पर पूरे दिन काम करने की घोषणा की गयी है.

 

'सदैव अटल' समाधि स्थल हुआ देश को समर्पित:

पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई का समाधि स्थल 25 दिसंबर 2018 को राष्ट्र को समर्पित कर दिया गया. इस स्मारक का नाम “सदैव अटलरखा गया है. 25 दिसंबर को उनके जन्मदिवस के मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों की मौजूदगी में पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी गई और आम जनता के लिए इसे खोल दिया गया.

 

यह समाधि स्थल उसी जगह पर बनाया गया है जहां पर इसी साल 17 अगस्त को अटल बिहारी वाजपेई की मृत्यु के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया था. इस स्मारक का प्रबंधन लोक सभा स्पीकर की अध्यक्षता में एक ट्रस्ट द्वारा किया जायेगा.

यह स्मारक लगभग 1.5 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है. इस स्मारक के लिए अटल समृति न्यास सोसाइटी द्वारा फण्ड प्रदान किये गये हैं, इसका निर्माण केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है. इस स्मारक के निर्माण की लागत 10.51 करोड़ रुपये है.

 

100 रुपये का स्मारक सिक्का:

पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया. इस सिक्के पर पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर है.वाजपेयी की याद में जारी इस सिक्‍के के एक तरफ भारत अंकित है तो दूसरी तरह पूर्व प्रधानमंत्री की आकृति है. इस पर देवनागकरी और रोमन, दोनों लिपियों में उनका नाम भी अंकित है.

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