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Current Affairs 24.10.2018

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Created: 24 Oct 2018

24 अक्टूबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 

1577 - चौथे सिख गुरु रामदास ने अमृतसर शहर की स्थापना की, शहर का नाम तालाब अमृत सरोवर के नाम पर रखा गया।

1579 - जेसुइट पादरी एस जे थामस भारत आने वाले पहले अंग्रेज थे,वह पुर्तग़ाली नौका से गोवा पहुंचे।

1605 - मुग़ल शासक जहाँगीर ने आगरा में गद्दी संभाली थी।

1657 - कल्याण और भिवंडी के शासन के अाधीन आए।

1945 - द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के एक महीने बाद ही विश्व में शांति कायम करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) की स्थापना की गई।

1946 - रॉकेट द्वारा पहली बार धरती का अंतरिक्ष से चित्र लिया गया।

1947 - जम्मू कश्मीर पर पाकिस्तानी कबाइलियों ने हमला किया।

1948 - बर्नार्ड बारूक ने सीनेट युद्ध की जांच समिति के समक्ष एक भाषण में पहली बार ‘शीत युद्धशब्द का इस्तेमाल किया। 1975 - बंधुआ मजदूर प्रथा को समाप्त करने के लिए एक अध्यादेश लाया गया और अगले दिन से यह प्रभाव में आ गया।

1982 - सुधा माधवन मैराथन में दौड़ने वाली पहली महिला एथलीट बनी।

1984 - काेलकाता में एस्प्लेनेड और भवानीपुर के बीच पहली मेट्रो ट्रेन (भूमिगत ट्रेन) शुरु।

2000 - दक्षिण कोरिया द्वारा लम्बी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण न करने की घोषणा।

2001 - नासा के 2001 मार्स ओडिसी अंतरिक्ष यान ने सफलतापूर्वक मंगल ग्रह के चारों ओर कक्षा में प्रवेश किया।

2004 - ब्राजील ने अंतरिक्ष में पहला सफल राकेट परीक्षण किया।

2005 - न्यूजीलैंड-भारत नया हवाई सेवा समझौता करने पर सहमत।

 

24 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति

1972 - मल्लिका शेरावत, हिन्दी फ़िल्म अभिनेत्री।

1940 - कृष्णास्वामी कस्तूरीरंगन - भारत के प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक।

1921 - आर. के. लक्ष्मण, सुप्रसिद्ध कार्टूनिस्ट। 1915 - जीवन - हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध अभिनेता थे।

1914 - लक्ष्मी सहगल, स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेविका।

1911 - अशोक मेहता - भारत के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों में से एक, समाजवादी नेता, सांसद तथा विचारक।

1884 - प्रेमनाथ डोगरा - जम्मू-कश्मीर के एक नेता थे।

 

24 अक्टूबर को हुए निधन

2000 - सीताराम केसरी - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञों में से एक थे।

1996 - ग्लेडविन जेब - संयुक्त राष्ट्र के प्रथम महासचिव के चुनाव तक कार्यवाहक महासचिव थे।

1991 - इस्मत चुग़ताई - भारत की प्रसिद्ध उर्दू साहित्यकार

1954 - रफ़ी अहमद क़िदवई, स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ

2006 - धरमपाल - भारत के एक महान् गांधीवादी, विचारक, इतिहासकार एवं दार्शनिक।

2013 - मन्ना डे - भारत सरकार ने इन्हें सन 2005 में कला के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित।

2017 - गिरिजा देवी - प्रसिद्ध ठुमरी गायिका थीं।

 

24 अक्टूबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

विश्व विकास सूचना दिवस

विश्व पोलियो दिवस

निजीकरण और मानवाधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट जारी

  

संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल ही में निजीकरण के मानवाधिकारों पर प्रभाव पर एक रिपोर्ट जारी की गई है. रिपोर्ट में कहा गया कि विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक वस्तुओं का व्यापक रूप से निजीकरण मानवाधिकारों को व्यवस्थित रूप से खत्म कर रहा है और गरीबी में रहने वाले लोगों को और अधिक हाशिये पर ले जा रहा है.

 

संयुक्त राष्ट्र विशेष संवाददाता फिलिप एल्स्टन ने अपनी रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्तुत की. इसमें मुख्य रूप से कहा गया कि निजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से निजी क्षेत्र तेज़ी से या पूरी तरह से सरकार द्वारा की गई गतिविधियों के लिये परंपरागत रूप से ज़िम्मेदार होता है, जिसमें मानव अधिकारों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिये कई उपाय किये जाते हैं.

 

निजीकरण और मानवाधिकार

 

  • निजीकरण उन मान्यताओं पर आधारित है जो कि मूलभूत रूप से उन लोगों से अलग है जो गरिमा और समानता जैसे मानवाधिकारों का सम्मान करते हैं. 
  • निजीकरण का सर्वोपरि उद्देश्य लाभ है और समानता तथा गैर-भेदभाव जैसे विचारों को का इसमें कोई स्थान नहीं है. 
  • रिपोर्ट में कहा गया कि निजीकरण मानव अधिकारों के लिये शायद ही कभी हितकर रहा है. 
  • कम आय वाले लोग विभिन्न तरीकों से निजीकरण से नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रहे हैं. 
  • आपराधिक न्याय प्रणाली का निजीकरण किया गया है, इसलिये गरीबों पर कई अलग-अलग शुल्क और ज़ुर्माना लगाया जाता है. 
  • सामाजिक सुरक्षा के निजीकरण के परिणामस्वरूप अक्सर गरीबों को एक नए और वित्तीय रूप से कमज़ोर सार्वजनिक क्षेत्र के अधीन किया जाता है. 
  • आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोग विभिन्न शुल्कों का भुगतान नहीं कर पाते हैं इसलिये जल, स्वच्छता, बिजली, सड़क, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, सामाजिक और वित्तीय सेवाओं जैसी अनेक सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाते हैं.

 

टिप्पणी

 

भारत में भी विभिन्न सरकारी परियोजनाओं को निजी भागीदारी के साथ चलाया जा रहा है. नीति आयोग ने भी कुछ योजनाओं को सार्वजनिक-निजी साझेदारी के तहत चलाए जाने की घोषणा की है. नीति आयोग ने सरकार द्वारा संचालित ज़िला अस्पतालों में गैर-संचारी रोगों से निपटने के लिये सार्वजनिक-निजी साझेदारी के लिये दिशा-निर्देश जारी किये हैं. संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी निजीकरण तथा मानवाधिकारों की इस रिपोर्ट के बाद नीति आयोग को अपने निर्णय पर पुनः विचार करने में सहायता प्राप्त होगी. 

 

 

भारत और चीन ने पहली बार सुरक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किये

 

भारत और चीन ने 22 अक्टूबर 2018 को आतंकवाद से मिलकर निपटने पर सहमति जताते हुए एक सुरक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं. भारत और चीन के बीच पहली बार सुरक्षा सहयोग पर समझौता हुआ. 

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में चीन के स्टेट काउंसिलर एवं सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री झाओ केझी के साथ भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. चीनी मंत्री 21 से 25 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं.

 

समझौता का उद्देश्य:

 

इस समझौता का मकसद आतंकवाद, संगठित अपराध, नशीली पदार्थों पर लगाम और ऐसे अन्य क्षेत्रों पर चर्चा, सहयोग करना और इन पर लगाम लगाना है.

 

बैठक के दौरान:

 

बैठक के दौरान भारत और चीन ने आपसी हित के मुद्दों पर भी चर्चा की. इसमें सबसे पहले द्विपक्षीय आतंकवाद मुद्दे पर वार्ता हुई. दोनों ही देशों ने भारत और चीन के बीच सुरक्षा सहयोग के क्षेत्र में हुए समझौते का स्वागत किया. 

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बातचीत के दौरान पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का मुद्दा भी उठाया. भारत ने मसूद अजहर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादियो की सूची में शामिल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव किया है लेकिन चीन बार बार इसका विरोध करता रहा है.

 

आतंकवाद से निपटने में सहयोग:

 

बाद में दोनों मंत्रियों ने सुरक्षा सहयोग को और बढाने के समझौते पर हस्ताक्षर किये. इससे आतंकवाद से निपटने , संगठित अपराधों , मादक पदार्थ नियंत्रण और अन्य संबंधित क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग बढेगा. कुछ साल पहले सुरक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे, लेकिन कुछ साल पहले उसकी वैधता खत्म हो गई थी.

 

आतंकी घोषित:

 

वार्ता के दौरान भारत ने चीन से कहा कि वह पाकिस्तान स्थित जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करवाने में सहयोग करे. चीन हर बार इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र में भारत के आवेदन पर वीटो कर देता है.

 

भारत और चीन के बीच सहमति:

 

भारत और चीन के बीच मानव और ड्रग्स तस्करी, साइबर क्राइम, वित्तीय अपराध पर चर्चा हुई, जबकि अलग-अलग एजेंसियों से सहयोग पर भी समझौते हुए हैं. 

भारत और चीन ने आतंक को लेकर अपनी अपनी चिंताएं जाहिर की हैं. इस पर काम करने को लेकर सहमति बनी है. दोनों देशों के बीच आतंकवाद पर काबू पाने सहित सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.

 

भारतीय सेना और चीन की पीपल्स लीबरेशन आर्मी के बीच दो महीने तक भारत-भूटान और चीन के तिहरे जंक्शन डोकलाम में चले गतिरोध के एक साल बाद यह कदम उठाया जा रहा है.