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Current Affairs 24.01.2019

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Created: 24 Jan 2019

24 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 

1556 - चीन में भीषण भूकम्प में आठ लाख तीस हज़ार लोगों की मौत हुई।

1824 - रूस में पेट्रोग्राद का नाम बदलकर लेनिनग्राद कर दिया गया।

1839 - चार्ल्स डार्विन रॉयल सोसायटी के फेलो चुने गये।

1857 - कलकत्ता विश्वविद्यालय की स्थापना।

1924 - रूस के सेंट पीट्सबर्ग शहर का नाम बदलकर लेनिनग्राद किया गया।

1936 - अलबर्ट सैरुएट फ्रांस के प्रधानमंत्री बने।

1939 - चिली में भूकंप से 30 हजार लोग मरे।

1950 - जन गण मन को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने।

1951 - प्रेम माथुर भारत की पहली महिला कमर्शियल पायलट बनीं।

1952 - मुम्बई में 'पहला अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म' महोत्सव आयोजित किया गया।

1965 - ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री सर विंस्टन चर्चिल का निधन।

1966 - एयर इंडिया का बोइंग आल्पस में दुर्घटनाग्रस्त हुआ जिसमें डॉ. होमी भाभा सहित 114 लोग मारे गये। प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक एवं देश के परमाणु कार्य्रकम के जनक होमी जहांगीर भाभा का निधन हुआ।

1973 - अमेरिका ने वियतनाम युद्ध बंद होने के साथ लाओस और कंबोडिया में भी युद्धबंदी का ऐलान किया गया। 1979 - अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया।

1989 - पेरू में सोने की खान में एक सौ से अधिक श्रमिक फँस गये।

1991 - लिथुआनिया गणराज्य ने सोवियत संघ के सैनिकों हटाने की मांग की।

1993 - सोयूज टी.एम. 16 प्रक्षेपित किया गया।

1993 - सोमालिया में अमेरिकी सैनिकों के साथ संघर्ष में तीन व्यक्ति मारे गये और अनेक घायल हो गये।

1996 - सं.रा. अमेरिका के इतिहास में पहली बार देश की प्रथम महिला हिलेरी क्लिंटन को न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया गया।

2000 - चुनावों में दलितों का आरक्षण 10 वर्ष तक बढ़ाने हेतु संविधान के 79वें संशोधन को राष्ट्रपति की मंजूरी। 2001 - जैव सुरक्षा संधि पर भारत के हस्ताक्षर, जोसेफ काबिला के राष्ट्रपति बनने पर संसद की मंजूरी।

2002 - संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान इस्लामाबाद पहुँचे, भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्ता की पुन: पेशकश की, एनरान के अध्यक्ष केनेथ ली ने इस्तीफ़ा दिया। भारतीय उपग्रह इनसेट-3सी सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में स्थापित।

2003 - उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया परमाणु संकट के शांतिपूर्ण समाधान पर सहमत। भारत और फ्रांस के बीच प्रत्यर्पण संधि।

2005 - आंध्र प्रदेश के तेलगुदेशम के विधायक परिताला रवि की गोली मारकर हत्या करा दी गयी। गणतंत्र दिवस समारोह 2005 के मुख्य अतिथि भूटान नरेश जिग्मे सिंघे वांगचुक भारत पहुँचे।

2006 - कुवैत की संसद ने बीमार अमीर (शासक) को हटाया।

2007 - रूस एवं भारत के बीच एटमी रिएक्टर बनाने हेतु समझौता हुआ।

2008 - उत्तर प्रदेश में 'सैनिटेशन पॉलिसी' के लिए 'टास्क फोर्स' गठित हुई। पूर्व थल सेना अध्यक्ष जे.जे. सिंह को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया। अफ़ग़ानिस्तान की एक अदालत ने एक पत्रकार को इस्लाम का अपमान करने के मामले में सज़ा-ए-मौत की सज़ा सुनाई। पाकिस्तानी सेना ने दक्षिणी वजीरिस्तान में अफ़ग़ान सीमा के निकट आतंकवादियों के साथ भीषण संघर्ष में तीन इलाकों को मुक्त कराया।

2010 - वर्ष 2008 के लिए 56वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। फ़िल्म 'अंतहीन' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फ़िल्म, मराठी अभिनेता उपेंद्र लिमये को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री चुना गया। श्रीबाला को तमिल फ़िल्म 'नान कादाउद' के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार के लिए चुना गया। फरहान अख्तर की फ़िल्म 'रॉक ऑन' को सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फ़िल्म के राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

2011 - मॉस्को के डोनोडिडोवो हवाई अड्डे पर बम विस्फोट से 35 लोगों की मौत, 180 घायल।

 

24 जनवरी को जन्मे व्यक्ति

1943 - सुभाष घई, हिन्दी फ़िल्मों के एक निर्माता-निर्देशक

1914 - शाह नवाज़ ख़ान - 'आज़ाद हिन्द फ़ौज' के अधिकारी थे।

1877 - पुलिन बिहारी दास - महान् स्वतंत्रता प्रेमी व क्रांतिकारी थे।

1826 - ज्ञानेन्द्र मोहन टैगोर - प्रथम भारतीय बैरिस्टर।

1924- कर्पूरी ठाकुर- स्वतंत्रता सेनानी एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री।

 

24 जनवरी को हुए निधन

1966 - होमी जहांगीर भाभा, भारतीय भौतिक वैज्ञानिक

2011 - भीमसेन जोशी, भारत रत्न सम्मानित शास्त्रीय गायक

1958 - चन्द्रबली पाण्डेय, प्रसिद्ध साहित्यकार

 

24 जनवरी के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

24 जनवरी का दिन राष्ट्रीय बालिका दिवस के नाम से जाना जाता है।

इस दिन इंदिरा गांधी पहली बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठी थी इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।

 

विश्व आर्थिक मंच 2019 दावोस में शुरू

 

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक 22 जनवरी 2019 को स्विट्जरलैंड के दावोस में शुरू हो गया है.

इस आयोजन में दुनिया के बड़े-बड़े कारोबरियों अर्थशास्त्र, अंतरराष्ट्रीय संगठनों से लेकर दुनिया के दिग्गज नेता शामिल हुए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर कमलनाथ पहली बार इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं, वैसे वो पिछले 17 साल से लगातार दावोस विश्व आर्थिक सम्मेलन में शामिल होते रहे हैं.

दावोस में मुख्य सत्र के बाहर ओपन फोरम में जेन गुडॉल भी हिस्सा लेंगी. जेन गुडॉल मशहूर जंतु वैज्ञानिक हैं. चिम्पांजी को लेकर उनका शोधकार्य बहुत महत्वपूर्ण रहा है.

 

दावोस में शामिल होने वाले हस्तियां:

दावोस में पांच दिन की इस बैठक में भारत के 100 से अधिक मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सहित दुनियाभर से औद्योगिक और सियासी जगत की 3000 हस्तियां शामिल हो रही हैं.

 

इस साल इस बैंठक में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला सम्मेलन के को-चेयरमैन होंगे.

जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति यूली मॉरर, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी, इटली के प्रधानमंत्री गेसपी कोंट, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत आइएमएफ, डब्ल्यूटीओ, व‌र्ल्ड बैंक और इस तरह की अन्य संस्थाओं के प्रमुख शामिल होंगे.

भारत से इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु, आंध्र प्रदेश के मंत्री लोकेश नारा तथा पंजाब के मंत्री मनप्रीत बादल के अलावा गौतम अडानी, मुकेश अंबानी, संजीव बजाज, एन चंद्रशेखरन, सज्जन जिंदल, आनंद महिंद्रा, सुनील मित्तल, नंदन निलेकणी, सलिल पारेख, अजीम प्रेमजी, रवि रुइया, अजय सिंह, करण जौहर, पूर्व आरबीआइ गवर्नर रघुराम राजन, केवी कामथ और गीता गोपीनाथ जैसी हस्तियां शिरकत कर रही हैं.

अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल इस आयोजन का हिस्सा नहीं होंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीका और मैक्सिको सीमा विवाद को लेकर चल रही परेशानियों को देखते हुए ये फैसला लिया है.

इस साल इस बैठक में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन घरेलू कारणों से इसमें हिस्सा नहीं ले रहे हैं.

 

ग्लोबलाइजेशन 4.0 आयोजन की थीम:

विश्व आर्थिक मंच पर चौथी औद्योगिक क्रांति का आकार कैसा हो इस पर चर्चा के लिए विश्व जगत की बड़ी हस्तिया एकत्रित हो रही हैं. समूचा विश्व चाहता है कि औद्योगिक क्रांति की चौथी लहर मानव केंद्रित, समावेशी और पर्यावरण तथा भावी पीढ़ी को ध्यान में रखकर विकास केंद्रित हो.

इस आयोजन में छह महत्वपूर्ण विषयों बहु वैचारिक विश्व में भू-राजनीति, अर्थव्यवस्था का भविष्य, औद्योगिक व्यवस्था और तकनीकी नीति, वैश्विक संस्थागत सुधार, मानव निधि और समाज, व्यवस्थागत सोच को बढ़ावा देने के लिए लचीलापन और उसका जोखिम पर चर्चा केंद्रित होगी.

 

विश्व आर्थिक मंच के बारे में:

विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) स्विट्ज़रलैंड में स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है. इसका मुख्यालय जिनेवा में है. स्विस अधिकारीयों द्वारा इसे एक निजी-सार्वजनिक सहयोग के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है.

इसका मिशन विश्व के व्यवसाय, राजनीति, शैक्षिक और अन्य क्षेत्रों में अग्रणी लोगों को एक साथ ला कर वैशविक, क्षेत्रीय और औद्योगिक दिशा तय करना है.

विश्व आर्थिक मंच की स्थापना वर्ष 1971 में यूरोपियन प्रबंधन के नाम से जिनेवा विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर क्लॉस एम श्वाब द्वारा की गई थी. उस वर्ष यूरोपियन कमीशन और यूरोपियन प्रोद्योगिकी संगठन के सौजन्य से इस संगठन की पहली बैठक हुई थी.

इस फोरम की सर्वाधिक चर्चित घटना वार्षिक शीतकालीन बैठक में होती है जिसका आयोजन दावोस नामक स्थान पर किया जाता है.

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