Blog Manager

Universal Article/Blog/News module

Current Affairs 20.12.2018

In: India
Like Up: (0)
Like Down: (0)
Created: 20 Dec 2018

20 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 

1757 - लार्ड क्लाईव को बंगाल का गवर्नर बनाया गया।

1780 - ब्रिटेन ने हालैंड के खिलाफ युद्ध की घाेषणा की।

1830 - ब्रिटेन, फ्रांस, आस्ट्रिया और रूस ने बेल्जियम को मान्यता प्रदान की।

1919 - अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा ने आव्रजन पर रोक लगाई।

1924 - जर्मनी में एडोल्फ हिटलर की जेल से रिहाई।

1946 - महात्मा गांधी श्रीरामपुर में एक महीने तक रूके।

1951 - ओमान और ब्रिटेन के बीच समझौते के बाद ओमान स्वतंत्र हुआ।

1955 - भारतीय गोल्फ संघ का गठन।

1956 - अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बसों में होने वाले रंगभेद पर रोक लगाई जानी चाहिए।

1957 - गोरख प्रसाद ने पदमुक्त होकर नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा संयोजित 'हिंदी विश्वकोश' का संपादन भार ग्रहण किया।

1959 - भारतीय गेंदबाज जासू पटेल ने कानपुर में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ 69 रन देकर नौ विकेट लिए।

1963 - जर्मनी में बर्लिन की दीवार को पहली बार पश्चिमी बर्लिनवासियों के लिए खोला गया।

1971 - जरनल याह्या ख़ाँ द्वारा पाकिस्तान के राष्ट्रपति पद से त्यागपत्र, जुल्फिकार अली भुट्टो राष्ट्रपति बने। 1973 - यूरोपीय देश स्पेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री एडमिरल लुईस करेरो ब्लांको की मैड्रिड में एक कार बम हमले में मौत।

1976 - इजरायल के तत्कालीन प्रधानमंत्री यित्जाक राबिन ने अपने पद से इस्तीफा दिया।

1985 - तिरूपति बालाजी मंदिर में भगवान वैंकटेश्वर को 5.2 करोड रुपये की कीमत वाला हीरा जडित मुकुट चढाया गया।

1988 - संसद ने 62वें संविधान संशोधन के माध्यम से मतदान करने की आयु 21 से घटाकर 18 साल करने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी।

1990 - भारत और पाकिस्तान एक दूसरे पर परमाणु हमले न करने पर सहमत हुए।

1991 - पॉल कीटिंग आस्ट्रेलिया के नये प्रधानमंत्री बने।

1993 - भारत और यूरोपीय संघ के बीच ब्रसेल्स में सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गये।

1998 - 13वें एशियाई खेलों का रंगारंग समापन, बिल क्लिंटन एवं कैनेथ स्टार को 'स्टार टाइम पत्रिका' ने 'मैन आफ़ दी इयर' घोषित किया, चीन द्वारा इरीडियम आधारित दो संचार उपग्रह छोड़े गये।

1999 - अंतरिक्ष यान 'डिस्कवरी' हबल टेलीस्कोप की मरम्मत हेतु रवाना।

2002 - दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया मुद्दे पर संयुक्त राज्य अमेरिका से सहयोग मांगा।

2007 - पाकिस्तान की संघीय शरीयत अदालत ने पाकिस्तान नागरिकता अधिनियम को महिलाओं के प्रति भेदभावपूर्ण बताया।

2008- स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने जमा कर्ज़ पर ब्याज दरें घटाईं। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के प्रान्तीय चुनाव पर रोक लगी। विश्व स्कूल खेलों की मेज़बानी भारत को मिली।

 

20 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति

 

1949 - कैलाश शर्मा - एक ऐसे हिन्दी ब्लॉगर हैं, जिनका संसार बच्चों का संसार है।

1871 - गोकरननाथ मिश्र, भारत के प्रसिद्ध रसिद्ध राजनीतिज्ञ, नेता और न्यायविद।

1936 - रॉबिन शॉ, प्रसिद्ध साहित्यकार।

1960 - त्रिवेंद्र सिंह रावत - उत्तराखंड के आठवें मुख्यमंत्री।

 

20 दिसंबर को हुए निधन

1968 - सोहन सिंह भकना - भारत की आज़ादी के लिए संघर्षरत क्रांतिकारियों में से एक।

2010 - नलिनी जयवंत - भारतीय सिनेमा की सुन्दर व प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक।

 

इसरो द्वारा GSAT-7A उपग्रह का सफल प्रक्षेपण

इसरो के संचार उपग्रह GSAT-7A का 19 दिसंबर 2018 को श्रीहरिकोटा के स्पेसपोर्ट से सफल प्रक्षेपण किया गया. यह केयू-बैंड के उपयोगकर्ताओं को संचार क्षमताएं मुहैया कराने के साथ-साथ वायुसेना के लिए भी उपयोगी उपग्रह है.

 

इस उपग्रह की सहायता से वायुसेना को भूमि पर राडार स्टेशन, एयरबेस और एयरबॉर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) से इंटरलिंकिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे उसकी नेटवर्क आधारित युद्ध संबंधी क्षमताओं में विस्तार होगा और ग्लोबल कार्यक्षेत्र में दक्षता बढ़ेगी.

 

इसरो द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 'यह एक अत्याधुनिक सैटेलाइट है, जिसे भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बनाया गया है. यह देश के सबसे दूरदराज के इलाकों में हाथ से पकड़े जाने वाले उपकरणों तथा उड़ते उपकरणों से भी संपर्क कर सकता है.' गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व इसरो ने नेवी के लिए रुक्मणि उपग्रह भी लॉन्च किया था. विदित हो कि विश्व में अमेरिका, रूस और चीन जैसे देश ही अभी तक अपनी सेना के लिए इस प्रकार के उपग्रह प्रक्षेपित कर चुके हैं. इस उपग्रह में 4 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनके जरिए करीब 3.3 किलोवॉट बिजली पैदा की जा सकती है. इसके साथ ही इसमें कक्षा में आगे-पीछे जाने या ऊपर जाने के लिए बाई-प्रोपेलैंट का केमिकल प्रोपल्शन सिस्टम भी दिया गया है.

 

स्मरणीय तथ्य

  • GSAT-7A का वजन 2,250 किलोग्राम है. इसे GSLV-F11 रॉकेट की सहायता से लॉन्च किया गया है.
  • यह उपग्रह इसरो ने ही तैयार किया है जो कि आठ वर्ष तक सेवाएं दे सकता है.
  • यह उपग्रह वायुसेना के विमान, हवा में मौजूद अर्ली वार्निंग कंट्रोल प्लेटफॉर्म, ड्रोन और ग्राउंड स्टेशनों को जोड़ देगा जिससे एक केंद्रीकृत नेटवर्क तैयार होगा.
  • इस उपग्रह को तैयार करने में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत आई है.

 

पृष्ठभूमि

इससे पूर्व भारत के सबसे वजनी उपग्रह जीसैट-11 का फ्रेंच गुयाना से एरियनस्पेस रॉकेट की मदद से सफल प्रक्षेपण किया गया. जीसैट-11 का सफल प्रक्षेपण देश में ब्रॉडबैंड सेवा को और बेहतर बनाने में मदद करेगा. इसका प्रत्येक सौर पैनल 4 मीटर से भी बड़ा है तथा यह 11 किलोवाट ऊर्जा का उत्पादन करेगा. जीसैट-11 अगली पीढ़ी का संचार उपग्रह है. इसका जीवनकाल 15 साल से अधिक से ज्यादा का है.

No comments yet...

Leave your comment

72372

Character Limit 400