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Current Affairs 18.10.2018

In: India
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Created: 18 Oct 2018

#MeToo आरोपों से घिरे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने इस्तीफा दिया

#MeToo आरोपों से घिरे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने 17 अक्टूबर 2018 को इस्तीफा दे दिया. उनके ऊपर अब तक 20 महिला पत्रकारों ने #MeToo अभियान के तहत आरोप लगाए हैं.

 

इससे पहले एमजे अकबर ने 14 अक्टूबर 2018 को अपने आधिकारिक विदेश दौरे से देश वापसी पर बयान जारी कर आरोपों पर अपना पक्ष रखा था. उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया था.

अकबर पर पहला आरोप वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी ने लगाया था, जिसमें उन्होंने एक होटल के कमरे में इंटरव्यू के दौरान की अपनी कहानी बयां की थी. भाजपा सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पहली बार किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया है.

एमजे अकबर पर अनेक आरोप लगाए गए कि जब वह विभिन्न प्रकाशनों के संपादक के पद पर तैनात थे तो उन्होंने कई महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया था.

 

किस-किस ने आरोप लगाए थे?

अकबर अंग्रेजी अखबार ‘एशियन एजके पूर्व संपादक हैं. सबसे पहले प्रिया रमानी ने उनके खिलाफ आरोप लगाय था और बाद में धीरे-धीरे और 19 महिला पत्रकार भी अपनी शिकायतों के साथ खुलकर सामने आ गई थीं. इन महिला पत्रकारों ने उनके साथ काम किया था. अकबर के खिलाफ खुलकर सामने आनेवाली पत्रकारों में फोर्स पत्रिका की कार्यकारी संपादक गजाला वहाब, अमेरिकी पत्रकार मजली डे पय कैंप और इंग्लैंड की पत्रकार रूथ डेविड शामिल हैं.

 

अकबर राजनीति सफर:

एमजे अकबर का जन्म 11 जनवरी 1951 को हुआ था. वे एक प्रमुख भारतीय पत्रकार, लेखक और राजनेता हैं. दैनिक अखबार ‘द टेलीग्राफऔर पत्रिका ‘संडेके संस्थापक संपादक रहे अकबर वर्ष 1989 में राजनीति में आने से पहले मीडिया में एक बड़ी हस्ती के रूप में जाने जाते थे. उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और सांसद बने थे. अकबर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे. मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अकबर जुलाई 2016 से विदेश राज्य मंत्री थे.

 

अकबर ने मीडिया में दिया बयान:

अकबर ने 17 अक्टूबर 2018 को मीडिया में बयान जारी कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी. उन्होंने अपने बयान में कहा की चूंकि मैंने इंसाफ हेतु व्यक्तिगत स्तर पर अदालत का दरवाजा खटखटाया है. मुझे इसलिए पद छोड़कर खुद पर लगे झूठे ओरोपों को चुनौती देना, वह भी व्यक्तिगत स्तर पर चुनौती देना उचित लगा. लिहाजा मैंने विदेश राज्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है. मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का दिल से आभारी हूं कि उन्होंने मुझे देश की सेवा करने का मौका दिया.

 

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अकबर का इस्तीफा स्वीकार किया:

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर 17 अक्टूबर 2018 को केन्द्रीय मंत्रिपरिषद से एमजे अकबर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. राष्ट्रपति भवन से जारी एक बयान में बताया गया की राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75 के उपबंध (2) के तहत प्रधानमंत्री की सलाह पर केन्द्रीय मंत्री परिषद से एमजे अकबर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अकबर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. स्थापित प्रक्रिया के अनुरूप उसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया.

 

#MeToo मूवमेंट:

#MeToo मूवमेंट कई स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय विकल्पों के साथ, यौन उत्पीड़न और यौन हमले के खिलाफ एक आंदोलन है. #MeToo अक्टूबर 2017 में यौन उत्पीड़न और उत्पीड़न, विशेष रूप से कार्यस्थल में व्यापक प्रसार का प्रदर्शन करने के प्रयास में सोशल मीडिया पर इस्तेमाल किए गए हैशटैग के रूप में वायरल में फैल गया. अक्टूबर 2017 में शुरू हुआ #MeToo हैशटैग दो महीने से भी कम समय में टाइम (अंग्रेज़ी पत्रिका) के लिए पर्सन ऑफ द ईयर बन गया. एलिसा मिलानो नामक अभिनेत्री ने हॉलीवुड के फिल्म निर्माता हार्वी वाइंस्टाइन के खिलाफ सबसे पहले अपनी बात कही थी.