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Current Affairs 16.02.2019

In: India
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Created: 19 Feb 2019

राष्ट्रपति ने सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा देने हेतु टैगोर पुरस्कार प्रदान किये

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 18 फरवरी 2019 को राजकुमार सिंघाजीत सिंह, छायानट (बांग्लादेश की सांस्कृतिक संगठन) और रामजी सुतार को क्रमशः वर्ष 2014, 2015 और 2016 के लिए टैगोर सांस्कृतिक सद्भाव पुरस्कार प्रदान किये. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे.

राष्ट्रपति कोविंद ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में हर क्षेत्र की अलग पहचान है. यह अलग पहचान हमें विभाजित नहीं करती, बल्कि एकता के सूत्र में बांधने और सौहार्द बढ़ाने का काम करती है.

पुरस्कार क्यों दिया गया?

राजकुमार सिंघाजीत सिंह को मणिपुरी नृत्य के माध्यम से सांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा देने और मणिपुरी नृत्य की परंपरा को बढ़ावा देने के लिये यह सम्मान दिया गया.

रामवनजी सुतार को मूर्तिशिल्प को आगे बढ़ाने तथा गुजरात में सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा के शिल्पकार के रूप में उनके योगदान के लिये यह पुरस्कार दिया गया.

इसके अलावा बांग्लादेश के सांस्कृतिक संगठन छायानट को सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए यह पुरस्कार दिया गया।

पहला टैगोर पुरस्कार:

पहला टैगोर पुरस्कार वर्ष 2012 में भारत के महान सितारवादक पंडित रविशंकर को और दूसरा टैगोर पुरस्कार वर्ष 2013 में जुबीन मेहता को प्रदान किया गया था.

पुरस्कार:

टैगोर पुरस्कार में एक करोड़ रुपये की धनराशि, प्रशस्तिपत्र, पट्टिका और पारंपरिक दस्तकारी/हथकरघा से बना उत्कृष्ट उपहार प्रदान किया जाता है.

 

टैगोर सांस्कृतिक सद्भावना पुरस्कार के विजेता:

वर्ष

विजेता

विजेता के बारे में:

2014

राजकुमार सिंघाजीत सिंह

वे मणिपुर नृत्य के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं, वे एक अध्यापक, परफ़ॉर्मर तथा कोरियोग्राफर हैं.

2015

छायानट

यह एक बांग्लादेशी संगठन है, इसकी स्थापना वर्ष 1961 में की गयी थी. इस संगठन ने बंगाली संस्कृति, संगीत तथा साहित्य में टैगोर के कार्य के प्रचार-प्रसार के लिए उत्कृष्ठ कार्य किया है.

2016

राम वनजी सुतार

राम सुतार का जन्म 19 फ़रवरी 1925 को महाराष्ट्र में धूलिया जिले के गोन्दुर गाँव में एक गरीब परिवार में हुआ था. वे एक प्रसिद्ध मूर्तिकार हैं. उन्हें मध्य प्रदेश में गाँधी सागर बांध पर चम्बल स्मारक के निर्माण के लिए जाना जाता है. वे पद्मभूषण तथा पद्म श्री पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं.

टैगोर सांस्कृतिक सद्भावना पुरस्कार:

भारत सरकार ने वर्ष 2011 में गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर के 150वें जन्मोत्सव पर टैगोर सांस्कृतिक सद्भावना पुरस्कार का गठन किया था. यह पुरस्कार किसी भी देश के व्यक्ति/संस्था को प्रदान किया जा सकता है.

यह वार्षिक पुरस्कार सांस्कृतिक सद्भाव के मूल्यों के बढ़ावा देने के लिए असाधारण योगदान के लिए किसी व्यक्ति, संघ, संस्थान या संगठन को दिया जाता है. यह पुरस्कार राष्ट्रीयता, भाषा, जाति और लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना दिया जाता है.

आमतौर पर नामांकन शुरू होने के दस साल पहले के दौरान किए गए योगदान पर विचार किया जाता है. पुराने योगदानों का महत्व यदि हाल में दृष्टिगोचर होता है तब ऐसी स्थिति में उन पर भी विचार किया जाता है.

 

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