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Current Affairs 12.12.2018

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Created: 13 Dec 2018

12 दिसंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1787 - पेनसिल्वेनिया अमेरिका के संविधान को अंगीकार करने वाला दूसरा प्रांत बना।

1800 - वाशिंगटन डीसी को अमेरिका की राजधानी बनाया गया।

1822 - अमेरिका द्वारा मेक्सिको को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आधिकारिक तौर पर मान्यता दी गई।

1884 - आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पहला क्रिकेट टेस्ट मैच खेला गया।

1911 - भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित की गई। जॉर्ज पंचम और मेरी भारत के सम्राट के रूप में भारत आए।

1917 - फ्रेंच आल्प्स में फ्रांसीसी सेना की ट्रेन के पटरी से उतरने से 543 लोगों की मौत हो गयी।

1936 - चीन के नेता च्यांग काई शेक ने जापान के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।

1971 - भारतीय संसद द्वारा पूर्व राजाओं को प्रदान की जानी वाली सभी सुविधायें रद्द कर दी गई।

1981 - पेरू के पूर्व प्रतिनिधि जेवियर पेरेज द कुइयार सं.रा. संघ के महासचिव निर्वाचित।

1990 - टी. एन. शेषन - मुख्य निर्वाचन आयुक्त हुए।

1992 - हैदराबाद के हुसैन सागर झील में विशालकाय बुद्ध प्रतिमा स्थापित की गई।

1996 - भारत एवं बांग्लादेश के मध्य गंगाजल के बंटवारे को लेकर 30 वर्षीय संधि पर हस्ताक्षर।

1998 - अमेरिकी सदन की न्यायिक समिति द्वारा राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने की मंजूरी, साहित्य के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार विजेता अलेक्ज़ेंडर लोल्भनित्भिन रूस के सर्वोच्च सांस्कृतिक पुरस्कार को लेने से इंकार किया।

2001 - भारत ने नेपाल को दो चीता हैलीकॉप्टर और हथियार दिये।

2007 - पेरु की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति एल्बर्टो फूजीमारो को छ: साल का कारावास व 13,000 डॉलर के जुर्माने की सज़ा सुनाई। मलेशिया ने तान सेंग सुन को भारत में अपना नया उच्चायुक्त नियुक्त किया। अमेरिकी संसद ने म्यांमार पर नए प्रतिबन्ध लगाए।

2008- प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष एम वीरप्पा मोइली ने सरकारी कर्मचारियों के सेवा निगमों में व्यापक बदलाव की सिफ़ारिश की। रमन सिंह छत्तीसगढ़ के व शिवराज सिंह ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

12 दिसंबर को जन्मे व्यक्ति

1872 - बालकृष्ण शिवराम मुंजे - स्वतंत्रता सेनानी और हिंदू महासभा के अध्यक्ष।

1981 - युवराज सिंह - भारत के क्रिकेट खिलाड़ी है।

1949 - रजनीकांत, तमिल एवं हिन्दी फ़िल्म अभिनेता हैं।

1959 - कृष्णमचारी श्रीकांत - भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान का मद्रास।

1954 - हेमंत करकरे - 1982 बैच के आईपीएस अधिकारी और मुम्बई के आतंक विरोधी दस्ते के प्रमुख थे।

 

12 दिसंबर को हुए निधन

1964 - मैथिलीशरण गुप्त, राष्ट्रकवि के रूप में विख्यात प्रसिद्ध हिन्दी कवि।

2000 - जे.एच पटेल - कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री का 71 वर्ष की आयु में बेंगलुरु।

2005 - रामानन्द सागर - प्रसिद्ध भारतीय फ़िल्म निर्देशक तथा ख्यातिप्राप्त धारावाहिक 'रामायण' के निर्माता। 2012 - नित्यानंद स्वामी - उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री 1925 - राधाचरण गोस्वामी - ब्रज के निवासी एक साहित्यकार, नाटककार और संस्कृत के उच्च कोटि के विद्वान थे।

12 दिसंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव

अखिल भारतीय हस्तशिल्प सप्ताह (08-14 दिसम्बर)

हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह)

वॉएजर-2 सौरमंडल के छोर तक पहुंचा, जानें पूरी जानकारी

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का वॉएजर-2 (Voyager 2) सौरमंडल के आखिरी छोर पर पहुंचने वाला इतिहास का दूसरा अंतिरक्ष यान बन गया है. नासा द्वारा जारी जानकारी के अनुसार 41 वर्ष पहले लॉन्च किया गया यह यान सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र (हेलियोस्फेयर) से बाहर पहुंच गया है.

 

इससे पूर्व वर्ष 2012 में वॉएजर-1 ने इस सीमा को पार किया था. हालांकि दोनों यान अभी सौरमंडल के अंदर ही हैं और अभी निकट भविष्य में ये इससे बाहर नहीं जाएंगे. यान के विभिन्न उपकरणों से मिले डाटा के अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने बताया कि इसने पांच नवंबर को हेलियोस्फेयर के आखिरी छोर को पार किया लेकिन इस अध्ययन के बाद ही इस जानकारी को हाल ही में दिसंबर में जारी किया गया है.

 

प्रमुख तथ्य

 

  • नासा द्वारा जारी जानकारी में कहा गया है कि वॉएजर-2 अभी धरती से 18 अरब किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर है.

 

  • इससे आने वाले संकेत प्रकाश की गति से चलते हैं, इसलिए उन्हें यान से धरती तक पहुंचने में करीब 16.5 घंटे का समय लगता है.

 

  • वैज्ञानिकों ने बताया कि वॉएजर-1 और 2 ने अलग-अलग समय और जगह से हेलियोस्फेयर को पार किया है, इसलिए दोनों से मिलने वाली जानकारियां अलग हैं.

 

  • वॉएजर-2 एकमात्र अंतरिक्ष यान है जो सभी चार विशाल ग्रहों - बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेप्च्यून की यात्रा कर चुका है.

 

  • वॉएजर-2 को 20 अगस्त 1977 को लॉन्च किया गया था, जबकि वॉएजर-1 को 5 सितंबर 1977 को लॉन्च किया गया था.

 

  • वॉएजर-2 नासा का सबसे लंबा चलने वाला मिशन है.

 

 

अंतरिक्ष यान पर लगे विभिन्न उपकरणों से प्राप्त डेटा का आकलन कर मिशन के वैज्ञानिकों ने यह निर्धारित किया कि इस मिशन ने 5 नवंबर को हेलियोस्फेयर (heliosphere) के आखिरी छोर को पार किया है. यह हैलियोपाउज़ नामक ऐसा स्थान है जहाँ कमज़ोर, गर्म सौर हवा तारों के बीच के ठंडे और घने माध्यम से मिलती है. इसे सौरमंडल का छोर भी कहा जाता है. सूर्य से निकलने वाली चुंबकीय रेंज एक ऐसे गैसीय वातावरण का निर्माण करती है जो ग्रहों की कक्षाओं से बहुत दूर तक फैली हुई हो. यह चुंबकीय क्षेत्र ही हेलियोस्फेयर है जो एक लंबे वात शंकु के आकार का होता है तथा तारों के बीच अंतरिक्ष में सूर्य के साथ-साथ गति करता है. वैज्ञानिकों द्वारा वॉएजर-2 पर लगे उपकरणों के माध्यम से यह पुष्टि की गई है.

 

 

 

वॉएजर-2 के बारे में जानकारी

 

  • वॉएजर-2 एक अमेरिकी मानव रहित अंतरग्रहीय शोध यान है जिसे वॉएजर-1 के बाद 20 अगस्त 1977 को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा प्रक्षेपित किया गया था.

 

  • यह काफी कुछ अपने पूर्व संस्करण यान वॉएजर-1 के समान ही था, किन्तु उससे अलग इसका यात्रा पथ कुछ धीमा है. वॉएजर-2 की गति 57,890 किलोमीटर प्रतिघंटा है.

 

  • इसे धीमा रखने का कारण था इसका पथ युरेनस और नेपचून तक पहुंचने के लिये अनुकूल बनाना.

 

  • इसके पथ में जब शनि ग्रह आया, तब उसके गुरुत्वाकर्षण के कारण यह युरेनस की ओर अग्रसर हुआ था और इस कारण यह भी वॉएजर-1 के समान ही बृहस्पति के चन्द्रमा टाईटन का अवलोकन नहीं कर पाया था. किन्तु फिर भी यह युरेनस और नेपच्युन तक पहुंचने वाला प्रथम यान था.

 

  • इसकी यात्रा में एक विशेष ग्रहीय परिस्थिति का लाभ उठाया गया था जिसमे सभी ग्रह एक सरल रेखा मे आ जाते है. यह विशेष स्थिति प्रत्येक 176 वर्ष पश्चात ही आती है. इस कारण इसकी ऊर्जा में बड़ी बचत हुई और इसने ग्रहों के गुरुत्व का प्रयोग किया था.

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