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Current Affair 23.10.2018

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Created: 23 Oct 2018

23 अक्टूबर 

घटनाएँ

 

1764 - मीर कासिम बक्सर की लड़ाई में पराजित हुआ।

 

1910 - ब्लांश एस स्कॉट अमेरिका में अकेले हवाई जहाज उड़ाने बनाने वाली पहली महिला बनीं।

 

1915 - न्यूयार्क में लगभग 25,000 महिलाओं ने मतदान के अधिकार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

 

1942 - अल अलामीन के युद्ध में मित्र राष्ट्रों ने जर्मन सेना को पराजित किया।

 

1943 - नेता जी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज की ‘झांसी की रानी ब्रिगेड़की सिंगापुर में स्थापना की।

 

1946 - त्रिग्वेली (नार्वे) सं.रा. संघ के प्रथम महासचिव नियुक्त। संयुक्त राष्ट्र महासभा की न्यूयार्क में पहली बार बैठक।

 

1958 - रूसी कवि एवं उपन्यासकार बोरिस पास्तरनाक को साहित्य का नोबेल पुरस्कार।

 

1973 - अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड एम निक्सन वाटरगेट मामले में टेप जारी करने पर सहमत हुए।

 

1978 - चीन और जापान ने चार दशकों से चले आ रही शत्रुता को औपचारिक रूप से समाप्त किया।

 

1980 - लीबिया एवं सीरिया द्वारा एकीकरण की घोषणा।

 

1989 - हंगरी ने स्वयं को गणराज्य घोषित किया। हंगरी सोवियत संघ से 33 वर्षों के बाद आजाद होकर एक स्वतंत्र गणराज्य बना।

 

1998 - पाकिस्तान ने कश्मीर समस्या का समाधान आत्म निर्णय से करने की मांग दोहरायी। जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपने पहले बैंक का राष्ट्रीयकरण किया।

 

2000 - अमेरिकन विदेशी मंत्री मेडलिन अल्ब्राइट की उत्तरी कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग ली से ऐतिहासिक मुलाकात।

 

2001 - नासा के मार्स ओडिसी अंतरिक्ष यान ने मंगल ग्रह की परिक्रमा शुरू की। एप्पल ने आईपॉड बाज़ार में उतारा 2003 - 30 से 35 परमाणु बम होने की पुष्टि की। माओवादी हिंसा ने नेपाल के पूर्व मंत्री का आवास बम से उड़ाया। भारत और बुल्गारिया ने प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किये। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को ईरान ने अपनी परमाणु रिपोर्ट सौंपी। विश्व के अकेले सुपरसोनिक विमान कानकोर्ड ने न्यूयार्क से अपनी आख़िरी उड़ान भरी।

 

2006 - सूडान सरकार ने संयुक्त राष्ट्र संघ के दूत को देश छोड़ने का आदेश दिया।

 

2007 - कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर आर.के. राघवन को अपने नये सलाहकारी बोर्ड में नियुक्त किया।

 

2008 - नया कम्पनी विधेयक 2008 लोकसभा में पेश हुआ।

 

2011 - तुर्की के वान प्रांत में 7.2 तीव्रता का भूकंप,582 लोगों की मौत, हजारों घायल। 23 अक्टूबर को जन्मे व्यक्ति 1778 - रानी चेन्नम्मा - झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई के समान कर्नाटक की वीरांगना और स्वतंत्रता सेनानी।

 

1898 - खंडू भाई देसाई, श्रमिक नेता 1923 - भैरोंसिंह शेखावत - राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री व भारत के उपराष्ट्रपति।

 

1937 - देवेन वर्मा - हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता।

 

1957 - सुनील मित्तल - एक भारतीय उद्योगपति, समाज सेवी और भारत के सबसे बड़े टेलीकॉम कंपनी एयरटेल के चेयरमैन

 

1883 - मिर्ज़ा इस्माइल - सन 1908 में मैसूर के महाराजा के सहायक सचिव थे। 

23 अक्टूबर को हुए निधन

1623 - तुलसीदास प्रसिद्ध कवि।

 

1973 - नेली सेनगुप्ता - प्रसिद्ध महिला क्रांतिकारी।

 

2005 - भोलाशंकर व्यास - 'काशी' (वर्तमान बनारस) के प्रसिद्ध साहित्यकार।

 

1962 - सूबेदार जोगिन्दर सिंह- परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक।

 

 

 

डेनमार्क ओपन बैडमिंटन: साइना नेहवाल ने रजत पदक जीता

 

 

भारतीय  बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने 21 अक्टूबर 2018 को डेनमार्क ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट में महिला सिंगल्स में रजत पदक जीता. वे फाइनल में ताइपे की ताई जू यिंग के खिलाफ 13-21, 21-13, 21-6 से हार गईं. वे ताई के खिलाफ लगातार 11वां मुकाबला हारी हैं.

हालांकि, टूर्नामेंट का फाइनल खेलने से साइना नेहवाल को वर्ल्ड वुमन सिंगल्स रैंकिंग में फायदा हुआ. वे फिर से टॉप-10 में पहुंच गईं. अमेरिका की बेलवेन झांग को एक स्थान का नुकसान हुआ. वे 11वें नंबर पर पहुंच गईं.

मुख्य तथ्य: 

  • ताई जू यिंग ने दो सालों के बाद इस खिताब को फिर से जीता है. पिछली बार उन्होंने वर्ष 2016 में यह खिताब हासिल किया था.

गेम स्कोर: 

पहले गेम को ताई जू यिंग ने 15 मिनट के भीतर 21-13 से अपने नाम कर लिया. दूसरे गेम में साइना नेहवाल ने वापसी की और ताई जू यिंग को पछाड़ते हुए 21-13 से जीत हासिल कर 1-1 से बराबरी कर ली. तीसरे गेम में ताई जू यिंग ने पूरी तरह से साइना नेहवाल पर दबाव बनाए रखा और उन्हें अंक हासिल करने के मौके नहीं दिए. इस कारण साइना नेहवाल को तीसरे गेम में ताई जू यिंग के खिलाफ 6-21 से हार मिली. 

  • साइना नेहवाल के लिए इस साल यह पांचवा टूर्नामेंट हैं जहां वह उप-विजेता बनीं है. डेनमार्क ओपन से पहले वह इंडोनेशिया मास्टर्स, ऑल इंग्लैंड चैम्पियन, बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप और इंडोनेशिया में हुए एशियाई खेलों में उपविजेता रही थी. 
  • साइना नेहवाल ने वर्ष 2012 में डेनमार्क ओपन का खिताब अपने नाम किया था. वह इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं. हालांकि, वह दूसरी बार इस खिताब को नहीं जीत पाईं. 
  • इस खिताबी जीत के साथ ही ताई जू यिंग किसी भी वर्ग में डेनमार्क ओपन टूर्नामेंट जीतने वाली चीनी ताइपे की पहली खिलाड़ी बन गई हैं. साइना नेहवाल और ताई जू यिंग के बीच अब तक कुल 18 मुकाबले हो चुके हैं. इसमें से 13 मुकाबले ताई जू यिग ने जीते हैं. 

साइना नेहवाल 

  • साइना नेहवाल का जन्म 17 मार्च 1990 को हुआ. वह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं. 
  • साइना को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. 
  • वह दुनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त महिला बैडमिंटन खिलाडी हैं. इस मुकाम तक पहुँचने वाली वे प्रथम भारतीय महिला हैं. 
  • एक महीने में तीसरी बार प्रथम वरीयता पाने वाली भी वो अकेली महिला खिलाडी हैं. 
  • लंदन ओलंपिक 2012 मे साइना ने इतिहास रचते हुए बैडमिंटन की महिला एकल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया. 
  • बैडमिंटन मे यह लक्ष्य हासिल करने वाली वह भारत की पहली खिलाड़ी हैं

राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप के पुरुष एवं महिला वर्ग के मुकाबलों में एच एस प्रणॉय तथा साइना नेहवाल ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर ख़िताब अपने नाम किया. एच एस प्रणॉय ने जहां किदाम्बी श्रीकांत को हराया वहीं साइना नेहवाल ने पी वी सिंधू को हराकर यह ख़िताब जीता. 

वर्ष 2012 में लंदन ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाली साइना नेहवाल ने 2016 के रियो ओलम्पिक की रजत पदक विजेता पी वी सिंधु को मात देते हुए महिला एकल का खिताब जीता. 

पुरुष एकल फाइनल मुकाबला (एच एस प्रणॉय बनाम किदाम्बी श्रीकांत)

एच एस प्रणॉय ने नागपुर में खेली गयी 82वीं सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत को 21-15, 16-21, 21-7 से हराया. श्रीकांत और प्रणॉय अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में चार बार एक दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं लेकिन पिछले तीन मौकों पर श्रीकांत जीत दर्ज करने में सफल रहे थे. प्रणॉय ने केवल एक बार 2011 टाटा ओपन में ही श्रीकांत को हराया था. 

महिला एकल फाइनल मुकाबला (साइना नेहवाल बनाम पी वी सिंधू)

साइना नेहवाल ने फाइनल मुकाबले में पी वी सिंधू को को 21-17, 27-25 से हराकर ख़िताब जीता. नेशनल चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले के पहले गेम में साइना का प्रदर्शन सिंधु की तुलना में बेहतर रहा, लेकिन दूसरे गेम में सिंधु ने अपना दबाव बनाना शुरू किया लेकिन अंततः जीत की हुई. साइना नेहवाल का यह तीसरा सीनियर राष्ट्रीय खिताब है. वे दस वर्ष बाद इस टूर्नामेंट में खेल रही थीं.