Blog Manager

Universal Article/Blog/News module

Current Affair 22.10.2018

In: India
Like Up: (0)
Like Down: (0)
Created: 22 Oct 2018

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2018 को पुलिस स्मृति दिवस पर नई दिल्ली में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक राष्ट्र को समर्पित किया. यह स्मारक आजादी के बाद से पुलिसकर्मियों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में बनाया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में श्रद्धा सुमन भी अर्पित किए.

 

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सजग पुलिसबलों ने भय और असुरक्षा का माहौल फैलाने की साजिश करने वालों को विफल कर दिया है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने आपदा राहत में सराहनीय योगदान के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के लिए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के नाम पर वार्षिक पुरस्कार आरंभ किये जाने की घोषणा भी की.

 

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की विशेषताएं 

  • नई दिल्ली स्थित चाणक्यपुरी में 30 फीट ऊंचा यह एकल पाषाण-स्तंभ देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बल और केंद्रीय पुलिस संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है. 
  • इस स्मारक का निर्माण शांतिपथ के उत्तरी छोर पर चाणक्यपुरी में 6.12 एकड़ भूमि पर किया गया है. 
  • वर्ष 1959 में चीनी सैनिकों द्वारा लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स में मारे गए पुलिस जवानों की याद में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है. 
  • यह एनपीएम ग्रेनाइट के एक टुकड़े से बनी केंद्रीय प्रस्तर प्रतिमा है, जो 30 फीट ऊंचा पत्थर का खंभा है, जिसका वजन 238 टन है. 
  • इसका वजन और रंग सर्वोच्च बलिदान की गंभीरता का प्रतीक है. सभी 34,844 पुलिस जवानों के नाम शूरता की दीवार पर ग्रेनाइट पर उत्कीर्ण किये गये हैं. 
  • वर्ष 1947 से अभी तक 34,844 पुलिस जवान शहीद हो चुके हैं जिनमें 424 पुलिस जवानों ने इसी वर्ष अपनी शहादत दी है. 
  • इनमें से कई बहादुर जवानों ने कश्मीर, पंजाब, असम, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम जैसे विभिन्न क्षेत्रों एवं देश के वाम चरमपंथ क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जानें गवाई हैं.

 लद्दाख हॉट स्प्रिंग घटना

 21 अक्टूबर 1959 में लद्दाख के अक्साई चीन इलाके में हॉट स्प्रिंग नामक बर्फीले क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने भारतीय सैन्य टुकड़ी पर धोखे से हमला किया. यह क्षेत्र समुद्र तल से लभग 16,000 फीट की उंचाई पर स्थित है. सीआरपीएफ के तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर करम सिंह के नेतृत्व में 21 जवानों की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने अत्याधुनिक हथियारों से हमला कर दिया. इस हमले में भारत के 10 जवान शहीद हुए तथा बाकी जवानों को बंदी बना लिया गया. 28 नवम्बर 1959 को चीन ने बंदी जवानों के शव भी भारत को सौंप दिए. इसी घटना की याद में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है.