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Cureent Affairs24.11.2018

In: India
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Created: 24 Nov 2018

24 नवंबर की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

1759 - इटली में विसूवियस पर्वत शिखर पर ज्वालामुखी विस्फोट।

1859 - चार्ल्स डार्विन की ‘आन द ओरिजिन आफ स्पेशीजका प्रकाशन।

1963 - अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी के हत्यारे ली हार्वे ऑस्वाल्ड की हत्या की गई।

1871 - नेशनल राइफल एसोसिएशन (एनवाईसी) का गठन।

1926 - प्रख्यात दार्शनिक श्री अरविंदो को पूर्ण सिद्धि की प्राप्ति।

1966 - कांगो की राजधानी किंसासा में पहला टीवी स्टेशन खुला। स्लोवाकिया के ब्रातिस्लवा के निकट बुल्गारिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त, 82 यात्रियों की मौत।

1986 - तमिलनाडु विधानसभा में पहली बार एक साथ विधायकों को सदन से निष्कासित किया गया।

1988 - दल बदल कानून के तहत पहली बार लोकसभा सांसद लालदूहोमा को अयोग्य करार दिया गया।

1989 - चेकेस्लोवाकिया में तत्कालीन कम्युनिस्ट पार्टी के पूरे नेतृत्व ने सामूहिक रूप से इस्तीफ़ा दे कर एक नए युग की शुरूआत की।

1992 - चीन का घरेलू विमान दुर्घटनाग्रस्त, 141 लोगों की मौत।

1998 - एमाइल लाहौद ने लेबनान के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।

1999 - एथेंस में सम्पन्न विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप में भारत की कुंजुरानी देवी ने रजत पदक जीता।

2001 - नेपाल में माओवादियों ने सेना व पुलिस के 38 जवान मार डाले।

2006 - पाकिस्तान और चीन ने एक मुक्त व्यापार क्षेत्र संधि पर हस्ताक्षर किये तथा अवाक्स बनाने पर भी सहमति हुई।

2007 - पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ़ आठ वर्षों के निर्वासन के बाद स्वदेश पहुँचे।

2008- मालेगाँव बम ब्लास्ट के मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एटीएस द्वारा अश्लील सीडी दिखाने का आरोप लगाया।

24 नवंबर को जन्मे व्यक्ति

1877 - कवासाजी जमाशेदजी पेटिगरा - डिप्‍टी कमिश्‍नर बनने वाले पहले हिंदुस्‍तानी।

1944- अमोल पालेकर, प्रसिद्ध अभिनेता और फ़िल्म निर्देशक।

1955 - इयान बॉथम - इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान और अब कमेंटेटर।

1936 - सैयदा अनवरा तैमूर - असम की प्रसिद्ध मुस्लिम महिला राजनीतिज्ञ तथा वहाँ की भूतपूर्व मुख्यमंत्री। 1929 - मोहम्मद शफ़ी क़ुरैशी - भारत के प्रमुख मुस्लिम राजनीतिज्ञों में से एक तथा बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल।

1899 - हीरा लाल शास्त्री - प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ तथा राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री।

1881 - छोटूराम - भारत के स्वाधीनता सेनानी तथा राजनेता थे।

 

24 नवंबर को हुए निधन

1675 - गुरु तेग़ बहादुर - सिक्खों के नौवें गुरु।

2003 - उमा देवी खत्री - हिंदी फिल्‍मों की मशहूर कॉमेडियन।

24 नवंबर के महत्त्वपूर्ण अवसर एवं उत्सव राष्ट्रीय औषधि दिवस (सप्ताह) राष्ट्रीय एकता दिवस (सप्ताह)

 

वैज्ञानिकों ने आकाशगंगा में नए तारामंडल की खोज की

वैज्ञानिकों ने मिल्की वे आकाशगंगा में एक नए और विशाल तारामंडल की मौजूदगी का पता लगाया गया है. यह सुपरनोवा स्थिति में पाया गया है लेकिन यह तारामंडल उन मौजूदा सिद्धांतों को चुनौती देता है कि बड़े सितारों का अस्तित्व अंतत: कैसे खत्म हो जाता है. 
अमेरिका के न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में नासा के एक रिसर्चर बेंजमिन पोप ने कहा, “हमारी आकाशगंगा में खोजा गया यह अपने आप में एक अनोखा तारामंडल है.” 

मुख्य बिंदु

  •  वैज्ञानिकों ने गामा रे बर्स्ट प्रोजेनिटर सिस्टम का पता लगाया जो एक तरह का सुपरनोवा है. 

 

  •  इस सुपरनोवा से प्लाज्मा की काफी शक्तिशाली और संकरी धारा निकलती रहती है. माना जाता है कि ऐसी क्रिया सिर्फ दूर स्थित आकाशगंगाओं में ही होती है.

 

  •  ऐसा माना जाता है कि यह केवल ऐसी आकाशगंगाओं में मिलता है जो बहुत दूरी पर हैं.

 

  •  इस तारामंडल के बारे में विस्तार से नेचर एस्ट्रोनोमी पत्रिका में बताया गया है और इसे 'एपेप' (Apep) नाम दिया गया है.

 

  •  इस खोज में नीदरसलैंड इंस्टिट्यूट फॉर रेडियो एस्ट्रोनॉमी, द यूनिवर्सिटी ऑफ़ सिडनी, यूनिवर्सिटी ऑफ़ एडिनबर्ग, यूनिवर्सिटी ऑफ़ शेफील्ड तथा यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यू साउथ वेल्स के वैज्ञानिक शामिल थे.

 

क्यों है खास?

वैज्ञानिकों का मानना है कि एपेप एक धूल भरा गुबार है जो अन्य सुपरनोवा की तुलना में अधिक धीमा है. यह तारामंडल पृथ्वी से 8,000 प्रकाश वर्ष दूर है लेकिन इसका धीमी गति से घूमना वैज्ञानिकों को सितारों के अस्तित्व के समाप्त होने पर पुनः विचार करने का अवसर देगा. वैज्ञानिकों का मानना है कि जितनी इसकी चमक है उसको देखते हुए यह बात चौंकाने वाली है कि अब तक इसके बारे में पता क्यों नहीं चला.

सुपरनोवा

खगोलशास्त्र में सुपरनोवा किसी तारे की मृत्यु के समय होने वाले भयंकर विस्फोट को कहते हैं. सुपरनोवा इतना शक्तिशाली होता है कि इससे निकलता प्रकाश और विकिरण (रेडीएशन) कुछ समय के लिए अपने आगे पूरी आकाशगंगा को भी धुंधला कर देता है. सुपरनोवा के समय अधिकतर तारे 1,000 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ़्तार से घूमते हैं. तारों का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान से भी अधिक होता है इसलिए यह उसे संभाल पाने में असहज हो जाते हैं जिसके कारण यह तीव्र रेडियो एक्टिव तरंगो तथा एक्स-रे तरंगों के साथ घूर्णन करने लगते हैं.